Monday, March 2, 2020

विपिन राणा

विपिन जी
1. दो तीन साल ईर्ष्या द्वेष में अनावश्यक गुजारे, आगे ऐसा न हो। नकारात्मकता को बाई बाई।
2. अभी 6 पुराने सम्पर्क के जिलों में 100 के लगभग अच्छे व्यक्तिगत परिचय को संगठन की ताकत के नाते बदलना।
3. जितने भी क्षेत्र में संघर्ष वाहिनी प्रमुख हैं उनके नाम, फ़ोन, बाद में पते आदि इकठ्ठे करना और उनके विकास मि चिंता।
4. ठेंगड़ी जी का भाषण स्वदेशी ही समाधान की ऑडियो सभी सुनें संघर्ष वाहिनी प्रमुख। उन्हें सर्वसमावेशी स्वदेशी पुस्तक ऑनलाइन भेजना व पूछताछ।
5. अपनी आर्थिक स्थिति के सुधार के उपाय व संघ के  प्रान्त की मानदेय बहाली।
6. मास में एक बार सतीश जी के साथ दिल्ली बैठना व आगामी मास की योजना बनाना। अन्नदा जी से भी संपर्क व आगे उनका प्रवास लेना।
7. संघर्ष वाहिनी के विषय तैयार करना, जयपुर कार्यशाला के नोटस ढूंढना, इस विषय पर अध्ययन बढ़ाना।
8. आत्म विकास के लिए कोई अच्छि पुस्तक पढ़ना।
9. अपने  एकाग्रता के ज़िले है न, नोएडा, गाज़ियाबाद व सहारनपुर। सुधांशु जी संभल व अमरोहा। बिजनोर अन्य घरेलू ज़िला है। इन्हें सघन प्रयास कर अच्छे सक्रिय करना। 

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